तनाव के माहौल में अपनी दुकान से सामान निकालने गए घोंडा के सुभाष मोहल्ला निवासी 28 वर्षीय मारुफ पर वहां से गुजर रही भीड़ में शामिल लोगों ने गोलियां दाग दीं। उनके शरीर के ऊपरी हिस्से में दो गोलियां लगीं। अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
 NEWS


" alt="" aria-hidden="true" />तनाव के माहौल में अपनी दुकान से सामान निकालने गए घोंडा के सुभाष मोहल्ला निवासी 28 वर्षीय मारुफ पर वहां से गुजर रही भीड़ में शामिल लोगों ने गोलियां दाग दीं। उनके शरीर के ऊपरी हिस्से में दो गोलियां लगीं। अस्पताल में उनकी मौत हो गई। 


अब उनका 6 साल का मासूम बेटा फरहान और 9 साल की बेटी फिजा उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कौन बताए कि नफरत की आंधी उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उड़ा ले गई है।


उपद्रव के माहौल में मारुफ अली दुकान से बिजली के पंखे और अन्य उपकरण हटाने के लिए पहुंचे थे। दुकान खाली करने के बाद वे रात के वक्त पड़ोस में रहने वालों के साथ गली में पहरेदारी कर रहे थे। मारुफ के रिश्तेदार नजीर ने बताया कि घटना के वक्त वहां से करीब 200 लोगों की भीड़ गुजर रही थी। 


इनमें से अधिकतर के हाथों में असलहे थे। अचानक उन्होंने एक के बाद एक गोलियां मारुफ को निशाना बनाकर दाग दीं। उनके शरीर के ऊपरी हिस्से में दो गोलियां लगीं। उन्हें लोकनायक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना में एक और युवक शमशाद के पेट में भी गोली लगी हैं। 


उसकी सर्जरी की गई है। मारुफ के भाई फारुख ने बताया कि परिवार में उनके पिता उम्मेद अली और मारुफ की पत्नी और दो बच्चे हैं। उनका सवाल है कि इनकी देखभाल अब कौन करेगा। उन्होंने मांग की कि भीड़ की शक्ल में पहुंचे कातिलों को सजा मिलनी चाहिए।


 



Popular posts
ये नए लोग भी रजिस्ट्रेशन के बाद आर्थिक मदद के हकदार होंगे। तब तक उनके या उनके परिवार को भूख से परेशान न होना पड़े, इसके लिए हर क्षेत्र में मुफ्त भोजन शेल्टर के माध्यम से भोजन कराया जा रहा है। इसके लिए आसपास के किसी भी एसडीम कार्यालय, नाईट शेल्टर होम्स या श्रम विभाग के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
इस दौरान जो लोग रजिस्टर्ड हैं, उन्हें दिल्ली सरकार के श्रम मंत्रालय के माध्यम से पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह मदद तुरंत दी जाएगी। लेकिन जो लोग किन्हीं कारणों से अभी तक श्रम विभाग में मजदूर के तौर पर रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन्हें भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार इन नए लोगों को भी खुद को रजिस्टर कराने का अवसर दे रही है।
NEWS दिल्ली सरकार ने व्यवस्था की है कि राजधानी क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। चाहे किसी के पास रजिस्टर्ड मजदूर होने का प्रमाण पत्र हो या नहीं, कोई भी व्यक्ति दिल्ली सरकार के रैन बसेरों/शेल्टर होम में जाकर दोनों टाइम मुफ्त भोजन कर सकता है।
Image
#LadengeCoronaSe: दिल्ली के किसी भी शेल्टर होम में मुफ्त भोजन कर सकेंगे गरीब, मिलेंगे 5,000 रुपये!
कितना बड़ा ख़तरा है कोरोनावायरस?
Image